बालोद। गुण्डरदेही ब्लॉक के नवदुर्गा उत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासी बरबसपुर के तत्वाधान में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन रखा गया । ग्राम बरबसरपुर में इस गरिमामय आयोजन की शुरुआत माँ सरस्वती की पूजा से किया गया।कवियों के स्वागत सम्मान पश्चात जयकांत पटेल के सशक्त संचालन में कार्यक्रम की शुरुआत बेबी सेलिना दावना के द्वारा राजकीय गीत अरपा पैरी के धार के साथ किया गया । तत्पश्चात हास्य व्यंग्य से भरपूर कवि सम्मेलन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक डॉ अशोक आकाश द्वारा सिद्ध विनायक गणपति आरती से किया गया, चुनावी परिप्रेक्ष्य में उनकी पंक्तियों से जन समुदाय को बड़ा संदेश मिला उन्होंने जनता को आगाह करती पंक्ति प्रस्तुत करते कहा -:
जन तंत्र में जनता भी बिकने तैयार है।
राजा के मुखौटे को पहना सियार है।
जनता की वोट का जो भी खरीददार है।
सुन लो साथी मातृभूमि का वही गद्दार है।
धमतरी से पधारे छत्तीसगढ़ के ख्यातिलब्ध मंच संचालक कवि कवि निरंजन साहू ठहाका की ठहाका भरने मजबूर करती पंक्तियॉ खूब सराही गयी -:
ठेठरी खुरमी के सवाद थोकिन देख ले।
गुलगुल भजिया चौसेला ला सरे ले।
गुरहा कटवा ला देखके मन हा उसरत हे।
चबात नइ हे तभोले भोभला डोकरा ऐसे चुचरथे।।
उन्होने हास्य व्यंग्य रचनाओं के माध्यम से कार्यक्रम को बखूबी ऊंचाई प्रदान किया । कवयित्री गायत्री साहू ने दुर्गा मैया से सर्वे भवंतु सुखिनः की कामना करती पंक्तियॉं प्रस्तुत किया -:
बड़ सुग्घर लागे मैया तुँहर तिहार वो।
नौ दिन हर आते मैया करके सिंगार वो।।
वीर रस के सुप्रसिद्ध कवि भरत बुलंदी ने मतदाता और मतदान की भूमिका को कविता के माध्यम से व्यक्त किया साथ ही व्यंग्य कसती रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया । नवोदित कलमकार योगिता साहू ने श्रृंगार की कविताओं के माध्यम से वर्तमान युवा पीढ़ी पर रचना प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी । गीतकार बृजलाल दावना ने नशा मुक्ति एवं हास्य रचनाओं के माध्यम से कार्यक्रम को गति प्रदान किया । विशेश्वर कुमार साहू ने अपने हास्य एवं व्यंग्य कसती रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं से खुब तालियां बटोरी। संचालन कर रहे हैं जयकांत पटेल ने देश भक्ति और प्रासंगिक रचनाओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं मे नवीन ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन नवदुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष वामेश्वर साहू के द्वारा किया गया ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गौकरण साहू शिक्षक, आसाराम साहू, हेमशंकर साहू , ताराचंद साहू, राम प्यारे यादव, लोकेश साहू का विशेष सहयोग रहा।
हास्य कवि सम्मेलन में कवियों ने ली नेताओं के चुनावी दौर के कार्यशैली पर चुटकी
