ग्राम नर्रा में मां शारदे सरस्वती की पूजा अर्चना कर मांगा आशीर्वाद



नर्रा में बसंत पंचमी धूमधाम से मनाई

सामाजिक कार्यकर्ता की अलग पहचान रेलवे कर्मचारी बेनू राम साहू, सेवाभाव से करते है जरूरतमंद की सहायता

बालोद। समीपस्थ ग्राम नर्रा में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना कर ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ।

शासकीय प्राथमिक शाला नर्रा के स्कूल प्रांगण में समाजसेवी तथा नर्रा निवासी बेनू राम साहू ने 2016 में सरस्वती मंदिर का निर्माण करवाया था।

बेनू राम साहू वर्तमान में सपरिवार भिलाई 3 में रहते है और रेलवे में सेवारत है। प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर अपने गृहग्राम पूरे परिवार के साथ स्कूली बच्चों तथा ग्रामवासियों के साथ बसंत पंचमी का त्यौहार मनाने आते हैं ।

इस अवसर पर मां सरस्वती की प्रतिमा के पूजा-अर्चना पश्चात बच्चों का कुर्सी दौड़ मेंढक दौड़, गोली चम्मच दौड़, सुई धागा दौड़, रस्सी खीच का आयोजन हुआ। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम बस्तरिया मोर संगवारी, कहां पाबे कहां पाबे, मोहनी खवा के जोड़ी, ढोल बाजे रे, मेहंदी हाथों में लगाउंगी आदि गानों पर स्कूली छात्राओं तुलसी, रेणुका, हर्षिता, डेमीन्, खुशबू, वर्षा, विधि, केविका, गायत्री, हंसिका द्वारा बहुत ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत की गई। मां सरस्वती की पूजा अर्चना आरती पश्चात समस्त ग्राम वासियों को खीर पुड़ी का प्रसादी वितरण किया गया। बेनू राम साहू गांव के विकास में हमेशा अग्रणी रहते हैं ।


बेनू राम साहू, कोरोना काल के समय मे भी पांच से छह सौ जरूरतमंद लोगो की सहायता कर राशन कीट प्रदान किये, जन्मदिन के अवसरो पर भी गरीब एवं असहाय लोगो को खिचड़ी भोग वितरण करते हैं, पौधे गिफ्ट करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्ष लगाने हमेशा प्रेरित करते है ।
श्री साहू कार्यो से ग्रामीण एकजुटता की मिशाल पेश की है । साथ ही साथ भिलाई में रहकर भी समाज सेवा करते रहते आ रहे हैं। उनके द्वारा सिरसा पुरैना चौक में गर्मी के दिनों मे पर निशुल्क प्याऊ घर संचालित किया जाता हैं, बुजुर्गों तथा असहाय लोगों को कंबल वितरण करते हैं। खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता तथा पिछले वर्ष गरीब कन्या का विवाह भी धूमधाम से कराते हैं। शहीद हॉस्पिटल दल्ली राजहरा में बेटी हर्षिता के जन्मदिन पर 100 कंबल दान किए थे । ग्राम में स्थापित शहीद छगन कुलदीप के स्मारक निर्माण में विशेष योगदान रहा। वर्तमान में शहर में रहकर भी गांव एवं क्षेत्र से जुड़कर सामाजिक तथा धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नौजवान साथियों को नशा पान से दूर रहने, रक्तदान करने, गरीबों की सेवा करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं ।

एकजुटता एवम् सरल सौम्य प्रेम व्यवहार को देखकर क्षेत्र के नवजवान आपसी सहयोग तथा समाज सेवा में प्रेरणा स्रोत मानने लगें हैं । इस अवसर पर डी के गांडे, देशमुख सर, मंडावी मैडम, लक्ष्मी कुलदीप, ग्वालीन बाई, शान्ति बाई, कीर्तन राम, नारद राम, कौशल एवम् बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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