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वो दबंग कौन था……. गुरुर के देसी शराब दुकान के बगल में ही खोल दिया किसी ने अवैध चखना दुकान, पुलिस टीम पहुंचते ही सामान छोड़कर भागा

बालोद/गुरुर(दीपक देवदास) । जहां शासन द्वारा सरकारी शराब दुकानों के आसपास चखना दुकान यानी जहां पर शराब पीने पिलाने की सुविधा रहती है उन जगहों को खोलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। शराब दुकानों के आसपास यह पूरी तरह प्रतिबंधित है और एक निश्चित दूरी तक इसे खोला भी नहीं सकता। लेकिन गुरुर में एक दबंगई का रोचक मामला सामने आया है। जहां किसी व्यक्ति ने सरकारी शराब दुकान के ठीक सामने ही बकायदा सर्व सुविधा युक्त तंबू लगाकर चखना दुकान खोल दिया था। पर यह चखना दुकान 24 घंटे भी चल नहीं पाया। दरअसल में मामले की जानकारी जब मीडिया के जरिए पुलिस प्रशासन को लगी और जो पुलिस देर शाम को यहां पहुंची तो पुलिस को आता देख कर चखना दुकान लगाने वाला व्यक्ति रफूचक्कर हो गया और वह अपना  सारा सामान छोड़ गया। यहां तक कि पैसे तक भी गल्ले में छोड़ गया था। पुलिस द्वारा नगर पंचायत प्रशासन के सहयोग से सामानों की जब्ती की कार्रवाई देर रात तक की गई। तो वहीं इस घटना से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर वह व्यक्ति कौन था जिसकी इतनी हिम्मत हो गई कि उसने सारे नियम कायदों को दरकिनार करके सीधे शराब दुकान के सामने चखना दुकान खोल डाली। मामला उस वक्त रोचक हो चला था जब शुक्रवार को सुबह से ही वहां पर दुकान लगना शुरू हो गया था। बकायदा बांस बल्ली लगाया गया उसे कवर किया गया छाया की सुविधा दी गई। बैठने के लिए टेबल कुर्सी लगाया गया और चखना के तहत मिलने वाले सामान जैसे अंडा मछली मुर्गी आदि तले हुए वहां पर स्टाल सज गए और जैसे ही शराब दुकान खोला मदिरा प्रेमी आने लगे और उस दुकान के ग्राहक भी बने लगे। लोग वहीं पर शराब पीने लगे और वहां से चखना के सामान लेने लगे। धंधा जोरों पर आ गया कुछ ही घंटे में लोगों में यह चखना दुकान चर्चा का विषय भी बन गया कि आखिर वह कौन है जिसने इतनी बड़ी हिम्मत दिखाई है। बाकी छोटे-मोटे चखना दुकान ठेले खोमचे वाले शराब दुकान से कहीं दूर दूर ठेला लगाकर जीवन चला रहे हैं। पर इस चखना दुकान वाले ने तो हद पार कर दी और शराब दुकान के प्रवेश द्वार के बगल में ही अपना दुकान लगा लिया। लोगों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि पुलिस प्रशासन यहां कार्रवाई करने के लिए पहुंचेगी। लोगों को यह लग रहा था कि शायद अनुमति लेकर उसने दुकान लगाई होगी पर जो पुलिस की धमक हुई तो दुकान लगाने वाला ही वहां टिक नहीं पाया और सब सामान छोड़कर भाग गया।

 किसी ना किसी का तो होगा संरक्षण?
 लोगों में इस अवैध चखना दुकान संचालक की इस तरह दबंगई को लेकर जन चर्चा का विषय बना हुआ है तो वही यह सबकी जुबान पर है कि किसी न किसी अधिकारी या कोई पहुंच वाले व्यक्ति का संरक्षण तो जरूर रहा होगा जिसके संरक्षण के बदौलत ही उक्त व्यक्ति वहां पर चखना दुकान लगा बैठा था। भले ही पुलिस के आने के बाद वह भाग गया क्योंकि इतना बड़ा काम बिना किसी के संरक्षण के करना बहुत मुश्किल है। ऐसा लग रहा था कि जिसने भी दुकान लगाई उन्हें किसी का डर ही नहीं था। पर हो सकता है उसे पुलिस का डर रहा। बाकी प्रशासन से वह बेखौफ था। पर पुलिस के आते ही वह खौफजदा होकर वहां से चला गया।

 अधिकारी भी कहते रहे हमें कुछ जानकारी नहीं
 इस मामले में जब हमने संबंधित अधिकारियों से बात की और उन्हें बताया कि देसी शराब दुकान के पास किसी ने रखना दुकान लगाया है और वह भी सर्व सुविधा युक्त तो अधिकारी कहने लगे कि इनकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। नगर पंचायत गुरुर के सीएमओ श्रीनिवास पटेल ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है मामले को दिखवाता हूं। तो वही गुरुर के थाना प्रभारी अरुण नेताम ने भी कहा कि मीडिया के जरिए जानकारी मिली है। टीम भेजकर कार्रवाई की गई है। आदमी तो नहीं मिला सामान जप्त किया गया। जिसे नगर पंचायत के सुपुर्द किया गया है।

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