बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पांडेपारा बालोद में होली के अवसर पर स्थानीय सेवाकेंद्र के भाई बहनों द्वारा अलौकिक होली व स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पांडेपारा बालोद की संचालिका बी के सरस्वती जी ने होली के अध्यात्मिक रहस्य को बताने के साथ हुई। दीदी जी ने कहा कि हमे हमेशा यही ध्यान रखना है, कि हम किसी के लिए भी अपने मन में नकारात्मक संकल्प ना करें ,क्योंकि इससे हम सभी आत्माओं की शक्ति कम होने लगती है। होली, अर्थात बीती सो बीती, मतलब जो बीत गया उसको भूल जाएंगे I होली अर्थात मैं आत्मा परमात्मा पिता की हो ली। मतलब परमात्मा की बन गई। होली अर्थात पावन बनना। मतलब मैं आत्मा परमात्म संग के रंग में रंग कर होली बन जाऊँगी। इन्हीं सुन्दर संकल्पों के साथ हम सभी को आपस में स्नेह पूर्वक होली मनाना चाहिए। कार्यक्रम में सभी भाई बहनों को आत्मिक तिलक लगाकर भोग का वितरण करने के पश्चात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका व स्थानीय सेवाकेंद्र के लगभग 200 भाई बहन उपस्थित थे।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा मनाई गई अलौकिक होली
