शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकट्टा में भारतीय वायुसेना दिवस की 92 वीं वर्षगांठ मनाई गई



वायुसेना दिवस 2024 की थीम है:
भारतीय वायुसेना सक्षम, सशक्त आत्मनिर्भर

बालोद। डौण्डी लोहारा विकास खण्ड के आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में भारतीय वायुसेना दिवस की 92 वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर छात्र छात्रों के लिए चित्र कला निबंध लेखन कहानी प्रतियोगिता का आयोजन कर वायुसेना के बारे जाने और समझें वायु सेना क्या होता है।इस अवसर पर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने बच्चों बताया कि भारतीय वायुसेना दिवस देश के वीर जवानों के साहस और बलिदान को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन केवल वायुसेना की उपलब्धियों को मनाने का समय होता है।बल्कि समाज के लिए उनके बलिदान और योगदान सुरक्षा नित करने का भी है।
भारतीय वायुसेना भारतीय सशस्त्र बलों में से एक महत्वपूर्ण अंग है भारतीय वायुसेना का देश की सुरक्षा में बड़ा योगदान है। देश की वायुसेना भारत की स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्थापित की गई थी और आज यह एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली वायुसेना बन चुकी है। भारतीय वायुसेना दिवस देश के वीर जवानों के साहस और बलिदान को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वायुसेना की उपलब्धियों को मनाने का समय होता है। बल्कि समाज के लिए उनके बलिदान और योगदान को सम्मानित करने का भी है।

भारतीय वायुसेना की युद्ध में भूमिका

भारतीय वायुसेना ने 1965,1971,और कारगिल युद्धों में अपनी ताकत और क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।इनके पास परमाणु शक्ति से लैस युद्ध विमान भी है।जो देश की आकाशीय सुरक्षा में मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

वायुसेना दिवस कब और क्यों मनाते है

हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है।पह दिन वायुसेना की उपलब्धियों को याद करने और वायुसेना में शामिल उन जवानों के साहस को नमन करने का अवसर होता है। जो देश के लिए जान कुर्बान करने में भी पीछे नहीं हटते है।इस वर्ष वायुसेना दिवस की 92 वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।और थीम है सक्षम सशक्त आत्मनिर्भर रखी गई है।इस अवसर परसराम साहु दीनदयाल अटल सुनिल कुमार अलेन्द्र नारदराम भुआर्य भूमिका मोवाड़े उपस्थित रहे।

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