DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

जब मोहल्ले का ही लड़का पहुंच गया बैलगाड़ी में बारात लेकर, लोग रह गए दंग!

टेकापार में हुई सामाजिक रजामंदी से अनूठी शादी

बालोद। आमतौर पर देखा जाता है कि जब शादी के लिए लड़की ढूंढने का वक्त आता है तो खास तौर से बनने वाले दूल्हे को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। गांव से लेकर शहर के कोने-कोने तक लड़की की तलाश में भटकना पड़ता है। काफी मुश्किलों के बाद रिश्ता तय हो पाता है। सिर्फ लड़का लड़की की नहीं पूरे परिवार और समाज की रजामंदी जरूरी होती है। पर ऐसा बमुश्किल आपने देखा होगा कि एक ही गांव में रिश्ता तय हो जाए। ऐसा कभी कभार होता है। एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में ससुराल बनाना नसीबो का ही खेल है। ऐसा ही कुछ हुआ है बालोद ब्लाक के इस गांव टेकापार में। जहां केसरी आलेंद्र और दीपेंद्र उर्वशा की शादी यादगार बन गई ।

दोनों एक ही गांव के अलग-अलग मोहल्ले के रहने वाले हैं। 10 मई शुक्रवार की रात को दूसरे मोहल्ले में रहने वाला दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ सात फेरे लेने के लिए बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा तो लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया और बैलगाड़ी में आए इस बारात का सभी ने आनंद उठाया। सामाजिक रीति रिवाज और सब की रजामंदी के साथ दोनों ने सात फेरे लिए और दुल्हन अपने घर से विदा होकर गांव के ही दूसरे मोहल्ले में अपने ससुराल को चली। 11 मई शनिवार को आशीर्वाद समारोह में बड़ी संख्या में लोग इस अनूठे जोड़ी को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे। जानकारी के मुताबिक केसरी और दीपेंद्र दोनों क्लासमेट रहे हैं। दीपेंद्र शादी करने के लिए दुल्हन ढूंढ रहा था। वह कहते हैं ना शादियां नसीबों से होती है। जोड़ी ऊपर में बनते हैं लेकिन मिलते धरती पर है। दीपेंद्र अपने रिश्तेदारों को लेकर केसरी का हांथ मांगने और शादी की बात करने केसरी के घर पहुंचा ।केसरी के घर वालों को यह रिश्ता जच गया।

फिर क्या था ब्याह की बात शुरू हुई। मुहूर्त देखकर दोनों के शादी की तारीख तय कर दी गई। शादी के साक्षी हजारों लोग बने। गांव में अलग-अलग मोहल्ले के दो परिवारों के दूल्हा दुल्हन के बीच हुई ये शादी लोगों के बीच कौतूहल का विषय रही। लोग क्या कहेंगे?

इन सब बातों की चिंता छोड़कर केसरी और दीपेंद्र ने नए जीवन की शुरुआत की। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजते हुए बैलगाड़ी में दूल्हा अपनी बारात लेकर पहुंचा और दुल्हन के साथ फेरे लेकर उसे अपने घर लाया। दोनों परिवार के साथ-साथ समाज को भी शादी से कोई एतराज नहीं था। दोनों एक ही समाज के हैं। समाज के लोगों सहित पूरे ग्राम वासियों ने इस नए जोड़े को सुखमय जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। देखिए खबर की वीडियो

You cannot copy content of this page