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चाकलेट व बिस्कुट देने का प्रलोभन देकर बच्ची से किया दुष्कर्म, आरोपी को मिला 20 वर्ष का कारावास

बालोद । कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी नरेन्द्र साहू उम्र-45 वर्ष, निवासी-डुण्डेरा, थाना-अर्जुन्दा, जिला-बालोद (छ.ग.) को अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 342 के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर छः-छः-छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 05-08-2022 को प्रार्थिया / पीड़िता की माता थाना अर्जुन्दा में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी 03 वर्ष 10 माह की नाबालिग पुत्री/पीडिता दिनांक 21-08-2022 को दोपहर लगभग 03:30 बजे अपनी सहेली के घर खेलने गयी थी। जहां आरोपी आकर उसे चाकलेट एवं बिस्कुट दूंगा, बोलकर अपने घर ले आया और कमरे के अंदर का दरवाजा बंद कर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने लगा। जब पीड़िता जोर से चिल्लाई तो आवाज सुनकर बुधरूराम आरोपी के कमरे में जाकर देखा तो घटना उजागर हुई। प्रार्थिया / पीड़िता की माता के उपरोक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर थाना-अर्जुन्दा में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक-123/2022 के अंतर्गत धारा 363, 342, 376(K),376(B) Ipc & 4,5(m),6 Pocso Act का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता के जाति के संबंध में जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर प्रकरण में अन्य आवश्यक कार्यवाही कर सम्पूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने परा संहिता की धारा 363, 366 (क), 342, 376 (क) (ख) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (ठ). 6 तथा अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा-3 (2) (V) का अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 17-10-2022 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना म.प्र.आ.देवकुमारी साहू, उ.निरी. शिशिर पाण्डेय , उ.पु.अधीक्षक सोनसाय मौर्य के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी नरेन्द्र साहू को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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