हरेली आज- गेड़ी के गांव के नाम से प्रख्यात है चिलमगोटा, इस धरोहर को संवारने वाले सुभाष अब इस दुनिया में नहीं, पर परंपरा को कलाकार बढ़ा रहे हैं आगे
बालोद। आज हरेली है। छत्तीसगढ़ के पहली तिहार के रूप में यह हरेली मानी जाती है। इसके बाद त्यौहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। हरेली के दिन गेड़ी का…
