भागवत कथा : गायत्री मंदिर प्रांगण देवरीबंगला में चल रही है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा

भगवान की भक्ति बिना स्वार्थ के करना चाहिए : पं. तोरण महाराज रुकमणी विवाह पर झूमकर नाचे श्रोता,टीकावन भी हुआबालोद। परमात्मा सब की आत्मा में निवास करते हैं। इसका साक्षात्कार उसी को होता है। जिसके मन में भक्ति की भावना होती है। भगवान जीवो के कल्याण के लिए समर्पित रहते हैं इसे समझ कर कार्य … Continue reading भागवत कथा : गायत्री मंदिर प्रांगण देवरीबंगला में चल रही है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा