कर्मचारियों ने सरकार से पूछा: मोदी की गारंटी कब पूरी होगी? फेडरेशन ने किया आंदोलन का शंखनाद



” गारंटी पूरी नहीं तो कलम रख,मशाल उठा आंदोलन ”  22 अगस्त को प्रदेश बंद
जगदलपुर | विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी का घोषणा हुआ था कि सरकार बनने पर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान डी.ए./डी आर दिया जायेगा; लंबित डी.ए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जी.पी.एफ.खाते में समायोजित किया जाएगा; अनियमित/संविदा/दैनिक वेतनभोगी/अतिथि शिक्षक इत्यादि संवर्ग का नियमितीकरण किया जाएगा; प्रदेश के सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर किया जायेगा; प्रदेश के लिपिकों,सहायक शिक्षकों एवं अन्य संवर्ग के लिए  वेतन विसंगति दूर करने के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जायेगा; मितानिनों,रसोइया एवं सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 % वृद्धि किया जायेगा सहित अन्य मुद्दों का वादा किया । लेकिन सरकार बनने के बाद क्रियान्वयन पर मौन धारण करना कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बना हुआ है। सरकार की वादा खिलाफी से आक्रोशित कर्मचारी, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को शाम 4:30 बजे पानी टंकी सिटी ग्राउंड के पास जगदलपुर में एकत्रित होकर रैली निकालते हुए मोदी की गारंटी पूरा करने का नारा लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां कर्मचारियों की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मेन गेट के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया तथा मेन गेट पर ही कलेक्टर के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित हुए जिन्हें मुख्यमंत्री के नाम का 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया तथा पत्र में उल्लेख किया गया है कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई तो 22 अगस्त 2025 को पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बस्तर के भी सभी कर्मचारी अधिकारी सामूहिक अवकाश में रहकर राज्यव्यापी कलम बंद काम बंद हड़ताल करेंगे। ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र  तिवारी ने बताया कि यदि सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा नहीं किया तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेने हेतु बाध्य होगा।  बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में रैली निकाल कर प्रदर्शन के साथ साथ जिले के विकासखंड बस्तर, मुख्यालय में भी कर्मचारियों ने फेडरेशन के नेतृत्व में प्रदर्शन कर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एस डी एम बस्तर ऋषिकेश तिवारी को सौंपा। फेडरेशन ने प्रदेश में चार स्तरीय समयमान वेतनमान,प्रदेश के सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान,अर्जित अवकाश 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने, प्रदेश में कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों सहित शासकीय सेवक कल्याण के अनेकों मुद्दों का ज्ञापन राज्य सरकार को समय-समय पर दिया है। लेकिन सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। फेडरेशन ने कर्मचारी हित में पुनः 11 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री  के नाम दिया है। आज मोदी की गारंटी पूरा करने की मांग के रैली प्रदर्शन में छ ग कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के  ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र  तिवारी संरक्षक  चंद्रभान  मिश्रा, सचिव  योगेश हरदाहे, कैलाश जैन, प्रिया जोशी, चैतेंद्र पाणिग्रही, अनिता कश्यप, मंजु तिवारी, सुनीता कश्यप, लेखराज बघेल, राजीव पटेल, मनोज सिंह, रूपसिंह बघेल, धर्मेंद्र अग्रवाणी, शंकर बघेल, हेमन्त ठाकुर, गोपाल राजपूत, रविन्द्र ठाकुर, लव कुमार, लखेराम बिसाई , श्रीनिवास तिवारी फेडरेशन से जुड़े  घटक संगठनों के अध्यक्ष  तथा प्रमुख  भटनागर,मनोज कुमार,देवदास कश्यप,धनंजय देवांगन,  विष्णु यादव, ललित बघेल, सुमित्रा ध्रुव आदि उपस्थित रहे।

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