कुटुंब व्यवस्था से ही अपनी परंपरा और संस्कृति जीवित है :- कुंवर निषाद
धर्म-कर्म :- तीजा पर्व पर किसना व बहेराभाटा में रामधुनी का हुआ शुभारंभ देवरीबंगला| हमारे छत्तीसगढ़ में कुटुंब व्यवस्था होने से अपनी परंपरा और संस्कृति जीवित है। जिसका सबसे अच्छा उदाहरण तीजा पर्व है। हम धीरे-धीरे पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं। इससे हमें बड़ा नुकसान होगा। उक्त उद्गार ग्राम किसना व बहेराभाटा में … Continue reading कुटुंब व्यवस्था से ही अपनी परंपरा और संस्कृति जीवित है :- कुंवर निषाद
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed